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1084Ven Ki Maan (Hindi Edition)

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Description

१०८४वे की माँ – महाश्वेता देवी आजादी से समानता, न्याय और समृद्धि के सपने जुड़े थे ! लेकिन सातवें द... Read More

Product Description

१०८४वे की माँ – महाश्वेता देवी आजादी से समानता, न्याय और समृद्धि के सपने जुड़े थे ! लेकिन सातवें दशक में मोहभंग हुआ और सकी तीव्रतम अभिव्यक्ति नक्सलवादी आन्दोलन में हुई ! इस आन्दोलन ने मध्य वर्ग को झकझोर डाला ! अभिजात कुल में उत्पन्न व्रती जैसे मेधावी नौजवानों ने इसमें आहुति दी और मुर्दाघर में पड़ी लाश नंबर १०८४ बन गया ! उसकी माँ व्रती के जीवित रहते नहीं समझ पाई लेकिन जब समझ आया तब व्रती दुनिया में नहीं था ! १०८४वे की माँ महज एक विशिष्ठ कालखंड का दस्तावेज नहीं, विद्रोह की सनातन कथा भी है ! यह करुणा ही नहीं, क्रोध का भी जनक है और व्रती जैसे लाखों नौजवानों की प्रेरणा का स्रोत भी ! लीक से हटकर लेखन, वंचितों-शोषितों के लिए समाज में सम्मानजनक स्थान के लिए प्रतिबद्ध महाश्वेता देवी की यह सर्वाधिक प्रसिद्धि कृति है ! इस उपन्यास को कई भाषाओ में सराहना मिली और अब इस विहाल्कारी उपन्यास पर गोविंद निहलानी की फिल्म भी बन चुकी है !

Product Details

Title: 1084Ven Ki Maan (Hindi Edition)
Author: Mahasweta Devi
Publisher: Radhakrishna Prakashan
ISBN: 9788171198290
SKU: BK0342268
EAN: 9788171198290
Language: Hindi
Binding: Paperback
Reading age : All Age Groups

About Author

Mahasweta Devi is one of India's foremost writers. Her powerful fiction has won her recognition in the form of the Sahitya Akademi (1979), Jnanpith (1996) and Ramon Magsaysay (1996) awards, amongst several other literary honours. She was also awarded the Padmasree in 1986, for her activist work amongst dispossessed tribal communities.

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