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Bhagwan Mahavir - Mann Par Vijay Prapt Karne Ka Marga (Hindi)

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महावीर कौन हैं? वर्धमान कौन हैं? आप कौन हैं? महावीर कौन हैं? कोई महाबली हो तो क्या उसे महावीर कहा... Read More

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महावीर कौन हैं? वर्धमान कौन हैं? आप कौन हैं?
महावीर कौन हैं? कोई महाबली हो तो क्या उसे महावीर कहा जाए..? कोई हिमालय पर्वत चढ़ता है तो क्या उसे महावीर कहा जाए..? कोई चाँद पर गया हो तो क्या उसे महावीर कहा जाए..? महावीर वह, जिसका मन अंदर स्थापित हो गया है. जिन्होंने मन पर काम किया है, वे जानते हैं कि मन को अंदर लगाना वीरता का कार्य है. मन को अंदर टिकाने की कोशिश की तो मन यहाँ-वहाँ भागने लगता है. जिस प्रकार जंगली हाथी को प्रशिक्षण देने के लिए भरपूर बल और समझ के अंकुश की आवश्यकता पड़ती है, उसी प्रकार मन को वश में करने के लिए अति वीरता की आवश्यकता पड़ती है.

भगवान महावीर ने लोगों को सत्य तक पहुँचाया. उन्होंने लोगों को 'तप, अहिंसा व् साधना' का मार्ग बताया जिससे मन को अहिंसक बनाया जा सके. इस पुस्तक में आप जानेंगे :
• भगवान महावीर द्वारा लिए गए पाँच संकल्प, पाँच व्रत और संघ के आठ नियम
• मन पर जीत कैसे प्राप्त करें
• तपस्या का सच्चा अर्थ
• भगवान महावीर का क्रांतिकारी दृष्टिकोण
• सूक्ष्म हिंसा से मुक्ति
• सूक्ष्म असत्य से मुक्ति
• सूक्ष्म चोरी से मुक्ति
• सांसारिक और सन्यासी ब्रह्मचर्य का पालन कैसे करें

Product Details

Title: Bhagwan Mahavir - Mann Par Vijay Prapt Karne Ka Marga (Hindi)
Author: Sirshree
Publisher: Manjul Publishing House
ISBN: 9788183227803
SKU: BK0361490
EAN: 9788183227803
Language: Hindi
Binding: Paperback
Reading age : All Age Groups

About Author

Sirshree is an awakened master and the author of numerous spiritual books. His spiritual quest, which began during his childhood, led him on a journey through various schools of thought and meditation practices. He has dedicated his life towards elevating consciousness and making the spiritual pursuit simple and accessible to all.He has delivered more than 3,000 discourses on profound aspects of life based on the ultimate truth. His retreats have transformed the lives of thousands and his teachings have inspired various social initiatives for raising global consciousness. Sirshree’s works include more than a hundred books, translated in more than ten languages and published by leading publishers.

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