Extra 5% Off
Fiction
Non-Fiction
Business & Economics
Children’s Books
Sort By
Relevance
Extra 5% Off on Shopping above Rs.999
Assured 2-4 Days Express Delivery across India.
Extra 10% Off on Shopping above Rs.1,499
Nita Mehta
MRP: ₹ 425
₹ 361
₹ 64 Off
(Incl. of all taxes)
Get this at ₹ 343
Extra 5% Off
Get this at ₹ 325
Extra 10% Off
Binding
Paperback
Number of Pages
192
Age Group
All
Language
Hindi
Piracy Free
Secure Transactions
Express Delivery
Eco‑Conscious Packaging
Book Summary
कवि-आलोचक, संपादक, आयोजक और संस्था-निर्माता के रूप में सुप्रतिष्ठित अशोक वाजपेयी पिछले दो दशकों में एक जन-बु़द्धिजीवी के रूप में उभरे और लोकप्रिय हुए हैं। देश भर में, अनेक भाषाओं के साहित्यिक-बौद्धिक-सांस्कृतिक परिसरों में वर्तमान समय, सभ्यता-संकट, संविधान, लोकतंत्र और स्वतंत्रता, साहित्य-संगीत-ललित कलाओं-नृत्य, महात्मा गांधी, नेहरू आदि पर व्याख्यान देने के लिए उन्हें आमंत्रित किया जाता है। वे पूरी बेबाकी-निडरता से वर्तमान समय के राजनैतिक-सामाजिक-सांस्कृतिक संकटों और विषमताओं पर अपने विचार, तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर रखते हैं। उनके व्याख्यान अपने समय-समाज-लोकतंत्र का मुखर और हिस्सेदार निर्भीक और सुसंगत साक्ष्य हैं। पिछले दो दशकों के 18 महत्त्वपूर्ण व्याख्यान अँधेरे में जलता एक चिराग़ में प्रस्तुत हैं। जतन से व्याख्यानों को इकट्ठा कर उन्हें विषय अनुसार संयोजित और संपादित करने का काम किया हैप्रो. रविकान्त ने। अंबेडकरवादी विचारक, राजनीतिक विश्लेषक, दलित मामलों के विशेष जानकार, साहित्य-समीक्षक सामाजिक न्याय और साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए निरन्तर लेखन में सक्रिय, प्रो. रविकान्त वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं। एक दर्जन से अधिक उनकी पुस्तकें प्रकाशित हैं और अदहन पत्रिका के आप संपादक हैं।
Product Details
Author
Nita Mehta
Number of Pages
192
Language
Hindi
SKU
BK0538577
ISBN
9789349162914
Reading Age
All
Dimensions
21.6x14x1.2cm
Binding
Paperback
MRP: ₹ 425
₹ 361
₹ 64 Off