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Binding
Paperback
Number of Pages
312
Age Group
All
Language
English
Book Summary
खबर लहरिया की कहानीएक जुनूनी पत्रकार होने का क्या मतलब है?साल 2002 में उत्तर प्रदेश के एक पथरीले, सामंती इलाके में कुछ महिलाओं ने एक अनोखा फैसला किया। उनमें से कई को हमेशा से शिक्षा से दूर रखा गया था। उनकी ज़िंदगी खेतों, ईंट-भट्टों और जंगलों में कड़ी मेहनत करते हुए गुज़री थी। लेकिन इन सबके बावजूद उन्होंने तय किया कि वे खुद का स्थानीय अखबार निकालेंगी। ऐसा अखबार, जो बुंदेलखंड के कस्बों और गाँवों के न्यूज़स्टैंड पर बिकेगा और उनकी आवाज़ को समाज के बीच मज़बूती से रखेगा।पिछले पच्चीस सालों में यह अखबार—खबर लहरिया—धीरे-धीरे कई जिलों, राज्यों और अलग-अलग प्लेटफॉर्मों तक पहुँचा। जैसे-जैसे दुनिया भर के मीडिया में बदलाव आया, वैसे-वैसे खबर लहरिया ने भी डिजिटल दुनिया की चुनौतियों और संभावनाओं को अपनाया। देखते ही देखते, यह महिलाओं द्वारा चलाया जाने वाला पहला स्थानीय डिजिटल न्यूज़ चैनल बन गया।बड़ी आई पत्रकार खबर लहरिया की कहानी का एक नया रूप है। इस किताब में दस महिला पत्रकारों ने खुद अपनी कहानी लिखी है। उन्होंने अपनी कमियों और अपनी मज़बूती का भी ज़िक्र किया है। वे उस कीमत के बारे में भी बात करती हैं, जो समाज के बने-बनाए नियमों को तोड़ने पर चुकानी पड़ती है।यह बदलते ग्रामीण भारत की कहानी है और उस जद्दोजहद की जो हम अपनी दुनिया को बदलने के लिए करते आए हैं।
Product Details
Author
Disha Mullick
Number of Pages
312
Language
English
ISBN
9789390343416
Reading Age
All
Dimensions
23.4 x 15.3 x 2.3 cm
Binding
Paperback
MRP: ₹ 399
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