Panchiyon Ka Sardar

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Book Summary

संदीप द्विवेदी हिन्दी के चर्चित मोटिवेशनल कवि हैं, जिनकी कविताएँ न केवल प्रेरित करती हैं, बल्कि भीतर छुपी हुई हिम्मत को जगाने का काम भी करती हैं। ‘पंछियों का सरदार’ उनके चुनिंदा और श्रेष्ठ प्रेरक कविताओं का एक सशक्त संग्रह है, जो संघर्ष, आत्मविश्वास और हार न मानने की भावना को केंद्र में रखता है। इस संग्रह का शीर्षक पात्र ‘पंछियों का सरदार’ एक प्रतीक है-साहस, नेतृत्व और अडिग संकल्प का। वह जंगल के सभी पंछियों का मुखिया है, जो किसी भी चुनौती से डरता नहीं, बल्कि उसे स्वीकार करता है और डटकर सामना करता है। गिरकर फिर उठना, हालात से लड़ना और अंत तक उम्मीद न छोड़ना-उसका स्वभाव है। यह पूरी पुस्तक उसी दृष्टिकोण को पाठक के भीतर जगाने का प्रयास करती है। जीवन में जब चुनौतियाँ रास्ता रोकें, जब असफलता मन तोड़ने लगे, तब ये कविताएँ एक आंतरिक आवाज़ बनकर कहती हैं-डरो मत, डटे रहो, उड़ान भरो। ‘पंछियों का सरदार’ सिर्फ एक कविता या पात्र नहीं, बल्कि एक सोच है-जो पाठक के भीतर भी अपने जैसा साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व का भाव भर दे। यदि आप कविता में प्रेरणा ढूँढते हैं, अगर आप गिरकर उठने की ताक़त चाहते हैं, या जीवन को नए नज़रिये से देखना चाहते हैं-तो यह पुस्तक आपके लिए है।

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