Srimad Bhagwat Geeta In Hindi

Regional Language

MRP: ₹ 499

₹ 449

50 Off

(Incl. of all taxes)

Offer Section

Extra 5% Off

Add items worth ₹999 to the cart & get extra 5% off
Offer Section

Extra 10% Off

Add items worth ₹1499 to the cart & get extra 10% off

Binding

Hardback

Number of Pages

317

Age Group

All

Language

Hindi

Piracy Free

Piracy Free

Secure Transactions

Secure Transactions

Express Delivery

Express Delivery

Eco‑Conscious Packaging

Eco‑Conscious Packaging

Book Summary

महाभारत युद्ध आरम्भ होने के ठीक पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया वह श्रीमद्भगवदगीता के नाम से प्रसिद्ध है। यह महाभारत के भीष्मपर्व का अंग है। गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं।गीता की गणना प्रस्थानत्रयी में की जाती है, जिसमें उपनिषद् और ब्रह्मसूत्र भी सम्मिलित हैं। अतएव भारतीय परम्परा के अनुसार गीता का स्थान वही है जो उपनिषद् और धर्मसूत्रों का है। उपनिषदों को गौ (गाय) और गीता को उसका दुग्ध कहा गया है। इसका तात्पर्य यह है कि उपनिषदों की जो अध्यात्म विद्या थी, उसको गीता सर्वांश में स्वीकार करती है। उपनिषदों की अनेक विद्याएँ गीता में हैं। जैसे, संसार के स्वरूप के संबंध में अश्वत्थ विद्या, अनादि अजन्मा ब्रह्म के विषय में अव्ययपुरुष विद्या, परा प्रकृति या जीव के विषय में अक्षरपुरुष विद्या और अपरा प्रकृति या भौतिक जगत के विषय में क्षरपुरुष विद्या। इस प्रकार वेदों के ब्रह्मवाद और उपनिषदों के अध्यात्म, इन दोनों की विशिष्ट सामग्री गीता में संनिविष्ट है। उसे ही पुष्पिका के शब्दों में ब्रह्मविद्या कहा गया है।महाभारत के युद्ध के समय जब अर्जुन युद्ध करने से मना करते हैं तब श्री कृष्ण उन्हें उपदेश देते है और कर्म व धर्म के सच्चे ज्ञान से अवगत कराते हैं। श्री कृष्ण के इन्हीं उपदेशों को “भगवत गीता” नामक ग्रंथ में संकलित किया गया है।

Product Details

Number of Pages

317

Language

Hindi

SKU

BK0540972

ISBN

9789391560461

Reading Age

All

Dimensions

21.6 x 14 x 2.2 cm

Binding

Hardback

Srimad Bhagwat Geeta In Hindi

Srimad Bhagwat Geeta In Hindi

MRP: ₹ 499

₹ 449

50 Off

You May Also Like!

Explore your next great read

Loading related genre products...
Show All arrow-up-right