Napsand Kiye Jaane Ka Sahas

Ichiro Kishimi

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Binding

Paperback

Number of Pages

260

Age Group

All

Language

Hindi

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Book Summary

एशिया में ज़बरदस्त ढंग से बेस्टसेलर रही यह किताब आपको बताती है कि किस तरह अपने भीतर मौजूद शक्ति को पहचाना जाए, ताकि आप वह इंसान बन सकें जो आप वास्तव में बनना चाहते हैं। यह किताब अल्फ़्रेड ऐडलर के सिद्धांतों का उपयोग करते हुए एक दार्शनिक और एक युवक के बीच के ज्ञानवर्धक वार्तालाप को दर्शाती है। फ्रायड और युंग की तरह ऐडलर मनोविज्ञान की दुनिया की बड़ी हस्तियों में से एक थे। इसमें दार्शनिक अपने शिष्य को बताते हैं कि कैसे हम सब अतीत के अनुभवों, संदेहों और अन्य लोगों की अपेक्षाओं की बेड़ियों से स्वयं को मुक्त कर अपना जीवन जी सकते हैं। चिंतन का यह तरीका आज़ाद कर देने वाला है, जिससे हम स्वयं को बदलने का साहस विकसित कर सकते हैं और उन सीमाओं को अनदेखा कर सकते हैं, जिन्हें हम खुद या हमारे आसपास के लोग हमारे लिए तय करते हैं। नतीजतन, एक ऐसी किताब हमारे सामने है, जो बेहद सरल होने के साथ-साथ अत्यंत महत्वपूर्ण भी है। लाखों लोग इसे पढ़कर इसका लाभ ले चुके हैं। अब यह आपकी भाषा में उपलब्ध है, तो आप भी इसके द्वारा लाभान्वित हो सकते हैं।

Product Details

Author

Ichiro Kishimi

Publisher

Manjul Publishing House

Number of Pages

260

Language

Hindi

SKU

BK0476786

ISBN

9789355432032

Reading Age

All

Dimensions

14 x 1.5 x 22 cm

Binding

Paperback

The Courage To Be Disliked Hindi Paperback Ichiro Kishimi and Fumitake Koga and Neelam Bhatt

Napsand Kiye Jaane Ka Sahas

MRP: ₹ 450

₹ 428

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