Extra 5% Off
Fiction
Non-Fiction
Business & Economics
Children’s Books
Sort By
Relevance
Extra 5% Off on Shopping above Rs.999
Assured 2-4 Days Express Delivery across India.
Extra 10% Off on Shopping above Rs.1,499
Regional Language
MRP: ₹ 599
₹ 539
₹ 60 Off
(Incl. of all taxes)
Get this at ₹ 512
Extra 5% Off
Get this at ₹ 485
Extra 10% Off
Yay! Express Delivery available by
Binding
Paperback
Number of Pages
453
Age Group
All
Language
Hindi
Piracy Free
Secure Transactions
Express Delivery
Eco‑Conscious Packaging
Book Summary
अफ़ग़ानिस्तान, 1975: बारह बरस का आमिर अपने इलाक़े में होने वाले पतंगबाज़ी के मुक़ाबले को हर कीमत पर जीतने के लिए कमर कसे हुए है और उसके वफ़ादार दोस्त हसन ने इसमें उसकी मदद करने का वादा किया है। मगर उन दोनों में से किसी को भी नहीं पता था कि मुक़ाबले के ठीक बाद हसन के साथ कुछ ऐसा हादसा होने वाला था, जिससे उन दोनों की दोस्ती और ज़िन्दगी पर हमेशा-हमेशा के लिए ग्रहण लग जाने वाला था। फिर अफ़ग़ानिस्तान पर रूसियों का हमला होता है, जिसके चलते आमिर और उसके बाबा को अफ़ग़ानिस्तान छोड़कर भागना पड़ता है और आख़िरकार वे अमेरिका में शरण लेते हैं। वहाँ आमिर एक नई और ख़ुशहाल ज़िन्दगी की शुरुआत कर चुका होता है कि तभी एक दिन उसके पास एक फ़ोन आता है, जो उसे तालिबान-शासित अफ़ग़ानिस्तान लौटकर एक ऐसी चीज़ की तलाश के लिए मजबूर कर देता है, जो उसे उसकी इस नई दुनिया में रहते हुए हासिल नहीं हो सकती थी: अपने गुनाहों से निजात। फिर एक बार अच्छा बनने का मौक़ा। ‘दिल निचोड़ देने वाली... भावनात्मक रूप से तोड़ देने वाली, मगर अच्छा और सच्चा बनने के लिए प्रेरित करने वाली’ - ऑब्ज़र्बर ‘हुसैनी सचमुच किस्सा-गोई के फ़न में माहिर हैं... वह आपके दिल के हरेक तार को छेड़कर उसे बज उठने के लिए मजबूर करने से डरते नहीं हैं’ - द टाइम्स ‘कोमल भावनाओं और कठोर सच्चाई से सामना कराती दास्तान’ - डेली मेल
Product Details
Number of Pages
453
Language
Hindi
SKU
BK0540942
ISBN
9789362055019
Reading Age
All
Dimensions
21.6 x 14 x 2.5 cm
Binding
Paperback
MRP: ₹ 599
₹ 539
₹ 60 Off