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Binding
Paperback
Number of Pages
348
Age Group
All
Language
Hindi
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Book Summary
गोंडवाना में ग्लेशियरों द्वारा निर्मित चट्टानों और उनमें पाए जाने वाले ऐसे जीवाश्मों की उपस्थिति, जो उत्तरी यूरोप और अमेरिका के ग्लेशियरों से जुड़ते हैं, वैज्ञानिकों की विशेष दिलचस्पी का विषय है। यह किताब गोंडवाना के गोंड इतिहास, संस्कृति और संघर्ष की पड़ताल करती है, जिसे मुख्यधारा के इतिहास ने अक्सर अनदेखा किया है। लेखक सुभाष चन्द्र कुशवाहा ने तमाम मूल दस्तावेज़ों के सहारे गोंड समाज, सत्ता और संघर्षों के भीतर झाँकने का एक दुर्लभ प्रयास किया है। यहाँ गोंड आदिवासी संघर्षों को रेखांकित करते हुए मूलवासियों के प्रतिरोध और अस्मिता की लड़ाइयों को दर्ज किया गया है। यह पुस्तक केवल इतिहास नहीं, बल्कि विभिन्न सत्ताओं से टकराते एक संघर्षशील समाज की जीवंत यात्रा है — शिकार से शासन तक, लोककथाओं से राजनीतिक चेतना तक।लेखक ने औपनिवेशिक दृष्टि और आधुनिक विकासवाद—दोनों के बीच गोंडों की बदलती स्थिति का गहन विश्लेषण किया है। यहाँ पहली बार गोंड राजा सुलेमान शाह, गोंड रानियों की याचिकाओं, बैतूल के विष्णु गोंड और उनके परिवार सहित अनेक रणबांकुरों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की गई है।यह पुस्तक इतिहास, समाजशास्त्र और राजनीति में रुचि रखने वाले हर पाठक के लिए पठनीय है, जहाँ केवल गोंडों की कथा ही नहीं, बल्कि भारत की अनकही सभ्यता का महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ भी संजोया गया है।
Product Details
Author
Simon Wood
Number of Pages
348
Language
Hindi
SKU
BK0532421
ISBN
9788119555956
Reading Age
All
Dimensions
14x2x21.6cm
Binding
Paperback
MRP: ₹ 499
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