Extra 5% Off
Fiction
Non-Fiction
Business & Economics
Children’s Books
Sort By
Relevance
Extra 5% Off on minimum shopping ₹999
Assured 3-5 Days Express Delivery across India.
Extra 10% Off on minimum shopping ₹1499
Wendy Kavanagh
₹ 199
(Incl. of all taxes)
Get this at ₹ 189
Extra 5% Off
Get this at ₹ 179
Extra 10% Off
Piracy Free
Express Delivery
Secure Transactions
Eco‑Conscious Packaging
Binding
Paperback
Number of Pages
138
Age Group
All
Language
Hindi
Book Summary
प्रतिनिधि कहानियां – प्रेमचंद भारतीय ग्रामीण जीवन और जनमानस की विभिन्न स्थितियों के अप्रतिम चितेरे मुंशी प्रेमचंद विश्व विख्यात साहित्यकारों की पनकी में आते हैं! उनकी ये प्रतिनिधि कहानियां प्रायः पूरी दुनिया की पाठकीय चेतना का हिस्सा बन चुकी हैं! सुप्रसिध्ह प्रगतिशील कथाकार भीष्म साहनी द्वारा चयनित ये कहानियां भारतीय समाज और उसके स्वाभाव के जिन विभिन्न मसलो को उठती हैं, ‘आजादी’ के बावजूद वे आज और भी विकराल हो उठे हैं, और जैसा कि भीष्म जी ने संकलन की भूमिका में कहा है कि ‘प्रेमचंद की मृत्यु के पचास साल बाद आज उनका साहित्य हमारे लिए एक चेतावनी के रूप में उपस्थित है! जिन विषमताओं से प्रेमचंद अपने साहित्य में जूझते रहे, उनमें से केवल ब्रिटिश शासन हमारे बीच मौजूद नहीं है, शेष सब तो किसी-न-किसी रूप में वैसी-की-वैसी मौजूद हैं!’वस्तुतः प्रेमचंद ने हमारे साहित्य में जिस नए युग का सूत्रपात किया था, साहित्य को वे जिस तरह जीवन के निकट अथवा जीवन को साहित्य के केंद्र में ले आए थे, वह हमारे लिए आज भी प्रासंगिक है!
Product Details
Author
Wendy Kavanagh
Number of Pages
138
Language
Hindi
SKU
BK0410427
ISBN
9788126705245
Reading Age
All
Dimensions
20x14x4cm
Binding
Paperback
₹ 199